आहार विकार

चुनिन्दा खाने की आदत

चुनिंदा खाने की आदत यदि काफी गंभीर हैं, तो सामान्य विकास और स्वास्थ्य के साथ हस्तक्षेप कर सकती है. कई बच्चों में स्कूल में ध्यान केंद्रित करने, किसी जन्मदिन की पार्टी में केक खाने जैसी गतिविधियों में संलग्न होने या परिवार के साथ एक रेस्तरां में खाने का आनंद लेने में असमर्थता पैदा हो सकती है.

चुनिंदा खाने के विशिष्ट लक्षण

  • बिस्किट या ब्रेड जैसी कार्बोहाइड्रेट वाली चीज़ों को प्राथमिकता
  • सब्जियों और मांस से घृणा
  • नापसंद भोजन खाते हुए अत्यधिक खाँसी या कंठ अवरुद्ध हो जाना
  • रोना और चिल्लाना
  • खाद्य पदार्थों के बारे में नकारात्मक बातें करना
  • उल्टी

चुनिंदा खाने वाले बच्चों के माता पिता को विशिष्ट सलाह

चुनिंदा खाने वाले बच्चों के मामले थोड़े अलग होते हैं, क्योंकि वे एक स्वस्थ वजन को बनाए रखने के लिए पर्याप्त कैलोरी की खपत कर सकते हैं. ऐसा हमेशा नहीं होता, लेकिन ज्यादातर समय बाल रोग विशेषज्ञ इस बात की इतनी चिंता नहीं करते कि एक आहार नली लगाने की सलाह दें.

“वह जल्दी ही ठीक हो जायेगा / जाएगी”, यह सलाह आम तौर पर चिकित्सक आपके बच्चे के इलाज के दौरान देते हैं.

हकीकत यह है कि समस्या की पहचान होते ही आहार चिकित्सा शुरू कर दिया जाना सबसे महत्वपूर्ण है. छोटे बच्चों को भोजन के साथ कम अनुभव होता है, जो उपचार के दौरान कम से कम प्रतिरोध पैदा करता है. जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं, आहार मुद्दों से निपटना अधिक मुश्किल होता जाता है. कई शीर्ष क्लीनिक आहार चिकित्सा के लिए एक निर्दिष्ट उम्र तय कर देते हैं.

बनावट चयन

कुछ बच्चे बनावट के आधार पर खाद्य पदार्थों से इनकार करते हैं. बनावट, इस अर्थ में, प्रत्येक ग्रास के भीतर टुकड़ों के आकार से संबंधित है.

यह इंकार सीधे-सीधे चबाने की राशि या उसके अभाव से संबंधित है. इसे खाने से दूर भागने या उससे बचने की कोशिश करने जैसे अन्य व्यवहारों से भी जोड़ा जाता है.

आहार चिकित्सा के दौरान इस मुद्दे को सही करने के लिए कई तरीके हैं. प्रत्येक पद्धति बच्चे के इतिहास, उम्र, बनावट मुद्दे के प्रकार और कौशल सेट के अनुरूप होनी चाहिए. ये बदलते रहने वाले व्यवहार एक व्यापक आहार मूल्यांकन के दौरान आसानी से पहचाने जा सकते हैं.

रंग-आधारित खाद्य चयन

भोजन के किसी विशिष्ट रंग के प्रस्तुत होने पर किसी खाने से इनकार करना बहुत ही कम केसों में पाया जाता है, लेकिन यह अन्य प्रकार की चयन-समस्याओं से अधिक आसानी से सुधारा जा सकता है. जब भोजन में इन नापसंद रंगों को प्रस्तुत किया जाता है तो बच्चा तीव्रता से उसके लिए इनकार करता है. इस इनकार व्यवहार को कम करने और नापसंद खाद्य पदार्थों के साथ एक सकारात्मक संबंध को प्रोत्साहित करने के लिए आहार चिकित्सा की जरूरत होती है.