चुनिंदा खाने वालों के लिए आहार कार्यक्रम

चुनिंदा वस्तुएं ही खाने वाले हमारे कई रोगी ऐसे होते हैं, जिनके शरीर का वजन एकदम सामान्य होता है. इन्हें आहार नली लगाये जाने का कोई खतरा नहीं होता.

ये चुनिंदा खाने वाले बच्चे आम तौर पर ज्यादातर जंक फूड और स्वास्थ्य के लिए हितकर खाद्य पदार्थ बहुत कम मात्रा में ले रहे होते हैं. इलाज से पहले सेवन किये जाने वाले हितकर आहार की मात्रा प्रत्येक बच्चे के लिए अलग अलग होती है, लेकिन ये खाद्य पदार्थ ज्यादातर स्टार्च होते हैं.

गैर-सघन बनाम सघन उपचार

चुनिंदा खाने वाले, जिन्हें आहार नली लगाने की ज़रुरत नहीं होती, उन्हें गैर-सघन उपचार दिया जाता है. यह आम तौर पर चार से छह सप्ताह चलता है और प्रति सप्ताह तीन बार होता है.

अगर कोई परिवार शहर से बाहर रहता है, तो हम गहन आधार पर इलाज की सिफारिश करते हैं, ताकि इलाज बिना रुकावट के हो सके. ऐसे मामलों में, उपचार की अवधि आमतौर पर दो से तीन सप्ताह, प्रति सप्ताह पांच दिन तक होती है.

विशिष्ट रूप से निर्मित आहार चिकित्सा

प्रत्येक बच्चा खाने के दौरान अलग-अलग व्यवहार दर्शाता है. हम प्रत्येक उपचार योजना को इस प्रकार बनाते हैं, ताकि वह आपके बच्चे के विशिष्ट आहार-व्यवहार के अनुकूल हो. इस के लिए कोई जादुई फार्मूला नहीं होता; अगर होता, तो कोई भी बच्चा आहार विकार से ग्रस्त न होता!

हमने अपने कई आंतरिक मसौदे भी विकसित किये हैं, जो हमें आपके बच्चे के चुनिंदा खाने के साथ काम करते समय उपचार के और अधिक विकल्प देते हैं.

हम क्या सुधार करते हैं

चुनिंदा खाने के साथ, हमारा ध्यान कैलोरी की बजाय विविधता पर होता है. हालांकि, इलाज के बारे में निर्णय विषयानुसार ही किया जाता है, ताकि वह पूरी तरह प्रत्येक बच्चे की आवश्यकताओं के अनुरूप हो. उदाहरण के लिए, कई बार ऐसा हो सकता है कि चुनिंदा खाने वाले बच्चे का वज़न 50 प्रतिशतक से कम स्तर पर है.

लेकिन, अगर आपके बच्चे का प्रतिशतक 50 या उससे उच्च स्तर पर है, तो हम पूरी तरह से केवल विविधता पर ध्यान देंगे. ऐसे मामलों में, हम एक ही खाद्य पदार्थ दो बार कभी नहीं प्रस्तुत करते, और न ही हम बच्चे के पसंदीदा पदार्थ उसे देते हैं. इससे (1) गैर-पसंदीदा खाद्य पदार्थों के लिए स्वीकृति तेजी से बढ़ती है और (2) गैर-पसंदीदा खाद्य पदार्थों, जो बाद में उपचार के परिणामस्वरुप पसंदीदा बन जाते हैं, की संख्या में वृद्धि होती है.

उपचार के दौरान, अधिकांश रोगियों को सभी खाद्य समूहों से 40-50 विभिन्न खाद्य पदार्थ दिए जाते हैं. केवल वे पदार्थ नहीं दिए जाते, जिनसे या तो बच्चे को एलर्जी हो, या वे धार्मिक विश्वासों से जुड़े हों या फिर प्रत्येक परिवार के अपने खास प्रकार के भोजन संबंधी रिवाजों से मेल न खाते हों.