प्रशंसा-पत्र

बारबरा, बेन की माता (3 साल) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : नकचढ़ा बच्चा

मेरे बेटे का खाने से घृणा करना तब शुरू हुआ जब वह 2 साल का था. जो खाना वह खाता था, उसमें केवल सेब का सॉस, दही, स्मूदी और बिस्कुट शामिल थे. उसके 2 साल वाली जांच के दौरान मैंने डॉक्टर को अपनी चिंताओं के बारे में बताया. उसकी सीमित खाने की आदतों के बारे में डॉक्टर ने मुझे समझाया कि इसमें चिंता की कोई बात नहीं, वह सिर्फ चुनिंदा खाने वाले बच्चों में से एक है और जल्दी ही उसकी यह आदत ठीक हो जाएगी. उसी समय देरी से बोलने के कारण उसकी जांचें की जा रही थीं और हफ्ते में एक बार उसकी वाक् चिकित्सा शुरू होने वाली थी. प्रारंभिक मूल्यांकन से पता चला कि उसका लक्ष्य उसके जबड़े की कमजोर नसों को मज़बूत करना था और इसी से उसकी खाने संबंधी समस्या भी ठीक हो जाएगी. जैसे जैसे समय बीतता गया, मेरे बेटे की हालत में थोड़ा सुधार हुआ लेकिन उसकी खाने से खेलने की आदत और खाने की मात्रा पहले से बदतर होती गई. इसके परिणाम स्वरुप मैंने बच्चों की खाने की आदतों में सुधार करने वाली किताबों के ऊपर हजारों डॉलर खर्च करने शुरू कर दिए, लेकिन मुझे कोई सफलता नहीं मिली.

उसके 3 साल का पूरा होने तक वह केवल सीरियल, सेब का सॉस, बिस्कुट और...

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एमा, शेल्डन की माता (10 महीने) और रोजैना (7 साल) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : नकचढ़ा बच्चा

मेरे दोनों बच्चों ने लॉस एंजिलिस आहार क्लीनिक में इलाज करवाया. रोजैना पूरी अवधि पर पैदा हुई थी और उसे कोई शारीरिक बीमारी नहीं थी. किसी अज्ञात कारण की वजह से तीन माह की उम्र में उसने खाने में दिलचस्पी दिखाना बिल्कुल बंद कर दिया. मुझे स्तनपान रोकना पड़ा और पम्प का सहारा लेना पड़ा और उसमें फॉर्मूला मिलाना पड़ा ताकि मैं उसके पेट में जाने वाली कैलोरीज़ को बढ़ा सकूं. वह बोतल की ज्यादा परवाह नहीं करती थी चाहे वह कितनी भी भूखी क्यों ना हो. यह बहुत ही अजीब बात है कि कोई बच्चा खाना ही नहीं चाहता था. जब हमने उसे ठोस आहार देना शुरु किया तब भी हालत में कुछ खास सुधार नहीं हुआ. वह केवल ऐसी करारी चीज़ें खाना पसंद करती थी जो खाते वक्त उसके हाथ या उसके मुंह को बिल्कुल गंदा न करें, जैसे ताजा खीरा, सैलरी, तरबूज. कुछ समय बाद वह बोतल से Pediasure पीने लगी. उसका वजन हालांकि थोड़ा तो बढ़ रहा था, लेकिन फिर भी वह अपनी निर्धारित दर से नीचे ही रहा और उसे अच्छी तरह नहीं खिला पाने के कारण मुझे हर दम उसकी चिंता रहती थी. सालों तक स्टैनफोर्ड और बाल स्वास्थ्य परिषद के डॉक्टरों तथा मनोवैज्ञानिकों के पास जाने के बाद भी...

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रेचल, स्कारलेट की माता (6 महीने) | ऑस्टिन, टेक्सास

श्रेणी : पनपने में असफल

मैं और मेरे पति बहुत खुश थे, जब हमें जुड़वां बच्चे हुए – एक लड़का और एक लड़की, जिनका जन्म गर्भ के 33वें सप्ताह में हुआ था. कुछ हफ्ते NICU में बिताने और उनका कुछ विकास हो जाने के बाद उनकी NG नलियां हटा दी गईं और वे घर आ गए. हमारी बेटी स्कारलेट ने NICU में रहते हुए जितनी बोतल दूध वे उसे पिलाना चाहते थे, कभी नहीं पी थी और हमें यह सलाह दी गई थी कि अगर वह बोतल से दूध नहीं पिए, तो हम उसे NG नली से खिलाएं. 1 महीने बाद हमने इसे रोक दिया. अब तक वह दूध पीने के बाद काफी मात्रा में दूध वापस उलट देती थी और उसकी यह प्रकृति सुस्त होने से बढ़ते हुए बहुत ज्यादा परेशान करने वाली और युद्धनुमा होती जा रही थी. सब हमें समझाते थे कि वह ‘जल्दी ही ठीक हो जाएगी’ या ‘फिर इसे केवल प्रतिवाह है’ और इसमें सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात थी कि ‘वह तुम्हारे तनाव पर जी रही है, इसलिए ज़रा शांति रखो’! उसके खिलाने के समय को थोड़ा आराम दायक बनाने और किसी तरह उसे कुछ खिला पाने के लिए हम जो भी कर सकते थे, हमने किया. हमने लाइटों को मंदा किया, हल्का संगीत चलाया, उसे गोद में लेकर घर के बाहर घुमाया, उसे कस कर कपड़े में लपेटा...

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एन, कैथराइन की माता (12 महीने) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : पनपने में असफल

केटी जब पैदा हुई तो उसे तालू-भंग और गले की मांसपेशियों में पक्षाघात की बीमारी थी, जिसकी वजह से वह कुछ भी पी नहीं पाती थी. 8 महीने की उम्र में इसे ठीक करने के लिए उसका ऑपरेशन किया गया, जिसकी वजह से बोतल या कप से दूध पीने से उसे डर लगने लगा और वह उससे बिल्कुल इनकार करने लगी. वह केवल चम्मच से दूध पीती थी और यह उस के विकास को सही दर पर बनाए रखने में कामयाब नहीं था. विकास सारणी के अनुसार उस की लंबाई और वजन गिरते जा रहे थे, बावजूद इसके कि हम अपना सारा समय उसे खिलाने की कोशिश करने में व्यतीत करते थे. लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक में हमें एक नया आहार मसौदा सिखाया गया और यह भी कि ज्यादा कैलोरी वाला पौष्टिक खाना कैसे तैयार किया जाए, ताकि हमें ज्यादा लंबे समय तक उसे खिलाने के लिए संघर्ष ना करना पड़े और उसकी उसका विकास भी होता रहे. इन सब के परिणाम स्वरुप अब वह अपनी सारणी में 25 प्रतिशतक तक पहुंच गई है और अभी भी उसका वजन बढ़ रहा है.

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एली, सावा की माता, (17 महीने) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : पनपने में असफल

हमारा बेटा सावा जब 16 महीने का था तब उसे लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक में लाया गया. इस समय उसका वजन सारणी से गिर कर बहुत नीचे पहुंच चुका था और उसकी लंबाई भी बिल्कुल नहीं बढ़ रही थी.

जब वह छोटा बच्चा था, तो उसके दस्त में खून आता था और उसे प्रतिवाह था. बाद में जांच के दौरान पता चला कि उसे दूध और दूध से बनी चीजों तथा प्रोटीन से एलर्जी है. हमें बताया गया कि उसे अन्य कई चीजों से भी एलर्जी है. शुरू के 6 महीनों तक वह आराम से स्तनपान कर लेता था और मुझे बिल्कुल बिना दूध और प्रोटीन का खाना खाना पड़ता था. जब हमने उसे ठोस खाना देने की कोशिश की तो उसने स्तनपान करने से भी इंकार कर दिया और 9 महीने की उम्र तक वह स्तनपान करने में इतना अनिश्चित हो गया था कि मुझे यह सुनिश्चित करने के लिए, कि वह ज़रूरत भर का माँ का दूध पी सके, पम्प का सहारा लेना पड़ा. मैं चौबीसों घंटों पम्प करती थी क्योंकि यही एक पौष्टिक आहार था जो वह नियमित तौर पर लेता था. मुझे इससे छुटकारा तब मिला, जब मैं लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक में आई.

6 महीने की उम्र से हमने उसे ठोस खाना देने की शुरुआत की, लेकिन उसने कभी भी शौक से चम्मच से खाना नहीं...

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सुमाया, रिमान की माता, (5 महीने, केवल नींद में खाता है) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : पनपने में असफल

हमारा बेटा जब 5 महीने की उम्र का हुआ तो उसे खाने से घृणा हो गई और वह उसके लिए इनकार करने लगा. उसने दूध पीने के लिए भी पूरी तरह से इंकार कर दिया. वह 17 -17 घंटे तक भूखा रहता था और हमें उसे ड्रॉपर से दूध पिलाना पड़ता था. उसका वजन लगातार गिरता जा रहा था और उसे थोड़ा सा भी कुछ खिलाने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती थी. सोते हुए भी केवल चार औंस दूध उसे पिलाने में एक से दो घंटे का समय लग जाता था और पूरा दिन हम लोग जो काम करते थे, वह होता था उसे खाना खिलाना.

उसे बहुत से खिलौनों और ध्यान बंटाने वाली चीज़ों की भी ज़रुरत पड़ती थी. कभी-कभी दूध पिलाने के लिए उसे सुलाना पड़ता था, लेकिन यह भी एक समस्या बन जाती थी क्यूंकि वह गहरी नींद में सोता था और 1-2 औंस पीने के बाद चूसना बंद कर देता था.

और फिर इस सारी कवायद के बाद वह उलटी कर देता था. सारा दिन उल्टियाँ साफ़ करना एक और भारी मुसीबत का काम था. उसे जो भी खिलाया जाता, वह खांस खांस कर सब उलट देता था. हमें उसे ज़बरदस्ती खिलाना पड़ता था ताकि खाने की एक न्यूनतम मात्रा उसके पेट में जा सके. यह मेरे और मेरे पति के लिए अत्यधिक तनावपूर्ण होता जा रहा था क्योंकि उसे...

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जेनिफर, मैक्स की माता (3 साल) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : नकचढ़ा बच्चा

नमस्कार माताओं,

मैंने हाल ही में अपने 3 साल के बेटे मैक्सवेल को लॉस ऑल्टोस के एक आहार क्लिनिक में ले जाना शुरु  किया क्यूंकि वह बिलकुल भी खाना नहीं खाता था. आपमें से जो लोग मुझे अच्छी तरह जानते हैं, उन्हें पता है कि वह पिछले दो सालों से केवल दूध, दही, चीज़ और बिस्किट पर जी रहा था (मैं कोई बढ़ा चढ़ा कर नहीं कह रही हूं. उसने आज तक कभी भी पिज़्ज़ा, फल, मैकरॉनी या जूस कुछ भी वाकई में नहीं खाया था).

मैंने उसे अनेकों बच्चों के डॉक्टरों, पोषण तथा व्यवसायिक चिकित्सकों और मनोचिकित्सक को भी दिखाया लेकिन अभी तक वे उसके लिए कुछ कर पाने में सफल नहीं हुए थे. उसे अस्पताल में व्यव्हार संबंधी इलाज कराने के लिए दाखिल करने के अलावा मैंने सब कुछ आजमा लिया था. मुझे हाल ही में लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक के बारे में पता चला और मैंने उसे वहां ले जाना शुरु किया. वहां जाने से पहले वह हर चीज के लिए मना करता था. वह कहता था कि उसे खाने से डर लगता है. उसके कुछ बनावट और संवेदनशीलता से संबंधित मुद्दे थे जिनकी वजह से वह खाने से इंकार करता था. बेन ने  उसके साथ काम करना शुरू किया और 1 महीने के बाद वह घर पर आराम से खाना...

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लिंडा, (26 महीने) के जुड़वां सतमासे बच्चों की माता, सिस्टिक फाइब्रोसिस के साथ) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : G नली पर निर्भर

मेरे 6 साल के जुड़वां बच्चे गर्भ के 26वें हफ्ते में पैदा हुए थे और उनकी जिंदगी के शुरु के तीन महीने तक उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था. उसके बाद पता चला कि उन्हें सिस्टिक फाइब्रोसिस नामक बीमारी है जो कि अनुवांशिक कारणों से पैदा होती है और फेफड़ों, पेंक्रियाज़ और दूसरे बलगम पैदा करने वाले अंगों को प्रभावित करती है. इस लंबे समय तक मशीन में रहने की वजह से उन्हें भयंकर तरीके से खाने से घृणा हो गई और उनके शरीर में अम्ल ज्यादा मात्रा में बनने लगा जो कि इस बीमारी वाले बच्चों के लिए एक साधारण बात है. इसकी वजह से उन्हें प्रतिवाह और बार-बार उलटी की शिकायत  भी हो गयी. इससे उनकी खाने के प्रति घृणा और भी बढ़ गई.

कई सालों तक आहार कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ. हमें एक आँतों के विशेषज्ञ के दफ्तर में एक ऐसे ग्राहक के द्वारा जिसका बड़ा बेटा मेरे बेटे के स्कूल में ही पढ़ता था, बेन ज़िमरमैन के क्लिनिक के बारे में पता चला. उनके छोटे बच्चे की तरक्की देखकर मैं बहुत उत्साहित हो गयी और मैंने मई 2006 में अपने बच्चों के लिए अपॉइंटमेंट लेने के लिए लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक...

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ऑड्रे, विवियन की माता (18 महीने) | लॉस एंजिलिस, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : G नली पर निर्भर

विवियन एक गर्भ के 35वें हफ्ते में पैदा हुई अठमासी बच्ची थी, जिसका वजन 4 पौंड 5 औंस और लंबाई साढ़े 15 इंच थी. जन्म के समय उसका दायां फेफड़ा खराब हो गया. वह 1 महीने से भी ज्यादा NICU में रही. उसके वहां रहने के दौरान डाउन सिंड्रोम और अन्य कई मेजर सिंड्रोम के लिए उसकी कुछ आनुवंशिक जांचें करवाई गईं, जो नकारात्मक थीं. आनुवांशिक सिंड्रोम के लिए उसके करीब सौ टेस्ट किए गए, जो सभी नेगेटिव थे. वह अपने तालूभंग, कटे हुए काक और उप श्लेष्म में छेद की वजह से कुछ नहीं खा पाती थी. विवियन के हर प्रकार की जांच (निगलने की जांच, ऊपरी पेट की जांच आदि), हर प्रकार का मूल्यांकन (जैसे गला, नाक, कान, गला, ऊपरी पेट वगैरा) करवाए गए और पूरे देश भर में हजारों डॉक्टरों को दिखाने के बाद भी हमें कोई फायदा नहीं हुआ. कुछ महीने तक वह बोतल से ज़रा सा दूध पीती और बहुत थोड़ा सा बच्चों का खाना खाती रही.

जब उसका खाना पहले से और कम होता गया तो जुलाई 2006 में इन्टरनेट पर ढूंढ कर हम उसे लॉस एंजिलिस आहार क्लीनिक में ले गए. वह वहां केवल 5 हफ्ते रही. इस पूरे दौरान बेन ज़िमरमैन ने उसके लिए खास तौर पर कुछ तकनीकें विकसित कीं, जिससे उसे...

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उमा, (5 साल के जुड़वा बच्चों की मां) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : G नली पर निर्भर

मेरी बेटी नित्या केवल 10 हफ्ते में बिल्कुल कुछ नहीं खाने वाले बच्चे से सब कुछ खाने वाला बच्चा बन गई.

मेरा नाम उमा है और मैं 5 साल के जुड़वां बच्चों की मां हूं. (25 हफ्ते के सतमासे पैदा हुए तीन बच्चों में से दो) मेरी बेटी नित्या NICU से 5 माह की उम्र में G नली के साथ घर वापस आई. उसके बाद 8 महीने की उम्र में सांस लेने में समस्या के कारण उसकी श्वास नली में छेद किया गया, जो अगले 3 साल तक रहना था. वह इस पूरे दौरान वह बिल्कुल भी मुंह से खाना नहीं खाती थी और उसे मौखिक गतिसंवेदन मामलों के लिए लगातार डॉक्टर के पास जाना पड़ता था. दिसंबर 2004 में उसकी नली निकाल देने के बाद हमने कई तरीके आज़माए – घर पर पकाया हुआ, पीसा हुआ खाना नली के द्वारा देना, उसे काफी देर तक भूखा रखना ताकि वो आराम से खाना खा सके, संवेदक उपागम वगैरा. यह सब कुछ हमने डॉक्टर की देख-रेख में किया लेकिन किसी भी चीज से हमें उसे मुंह से खाना खिलाने में सफलता नहीं मिली. मार्च 2006 में मेरी व्यावसायिक चिकित्सक ने मुझे सलाह दी कि मैं लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक में जाकर बेंजामिन ज़िमरमैन से मिलूँ. अब मैं उसे घर पर खाना खिलाती हूं और...

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एमी, जूलिया की माता (5 महीने) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : पनपने में असफल

मेरी दूसरी बेटी जूलिया गर्भ की अवधि पूरी होने पर पैदा हुई थी. शुरू में वह बिल्कुल स्वस्थ और खुश थी और सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा था कि अचानक हमें महसूस हुआ कि उसके मुंह से लार ज्यादा मात्रा में निकलती है. उस समय हम नहीं जानते थे कि आने वाला समय हमें कितनी मुसीबत में डालने वाला है. जांच के बाद पता लगा कि जूलिया को एक बहुत ही भयानक किस्म का प्रतिवाह है, जिसकी वजह से वह बहुत परेशानी में आ गई. केवल 5 हफ्ते में उसने स्तनपान करने से इंकार कर दिया और कुछ भी अन्य चीजें खाने से भी पूरी तरह इनकार कर दिया. हमें लगा कि यह कुछ समय के लिए हो रहा है और जल्दी ही यह ठीक हो जाएगा. लेकिन कई हफ्तों के बाद भी उसमें कोई बदलाव नहीं आया तो हम चिंतित हो गए. उसके दो माह के की जांच के दौरान उसका वजन बिल्कुल भी नहीं बढ़ा था और उसे डॉक्टरों ने पनपने में असफल बच्चा घोषित कर दिया.

हमने उसका वजन बढ़ाने के लिए तुरंत उपाय करने शुरु कर दिए. हमने उसे जबरदस्ती खाना खिलाने की कोशिश की. मैं घंटों घंटों तक उसके पास बैठी रहती और उसके बाद भी बड़ी मुश्किल से उसे 2 औंस खाना खिला पाती थी. उसे खाना खिलाना एक भयंकर सपने जैसा...

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निकोल, ग्रेग की माता (4 साल, भीषण ऑटिज्म) | लॉस एंजिलिस, कैलिफोर्निया

श्रेणी : चुनिंदा खाने वाला

हमारा बेटा करीब 5 साल का था जब हम उसे लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक में ले गए. ग्रेग शुरु से ही अपने खाने की समस्याओं से परेशान था और 1 साल से वह कुछ भी ठोस आहार नहीं खा रहा था. उसे डॉक्टरी नज़रिए से कोई बीमारी तो नहीं थी, हालांकि उसे ऑटिज्म था और इस कारण कुछ संवेदनशीलता संबंधित समस्याएँ उसके शरीर में पैदा हो गई थीं, जिनकी वजह से उसे मुंह में कुछ भी रखने से घृणा हो गई थी.

हमने अपने शहर में कई सालों तक आहार कार्यक्रम को आजमाया, लेकिन हमें कोई सफलता नहीं मिली. हमारी बीमा कंपनी ने हमें अस्पताल में जाकर आहार चिकित्सा लेने की सलाह दी, लेकिन वे उसके ऑटिज्म सम्बन्धी व्यवहार की वजह से उसका इलाज करने के इच्छुक नहीं थे.

खुशकिस्मती से हमें बेन ज़िमरमैन और उनके लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक के बारे में पता चला. बेन के खाना खिलाने के तरीकों ने हमारे बेटे की खाने के प्रति घृणा को कुछ ही दिनों में बिल्कुल खत्म कर दिया और जल्दी ही वह अपनी मर्जी से बेबी फूड खाने लगा. इस कार्यक्रम में हमें भी यह प्रशिक्षण दिया गया कि हम अलग-अलग जगहों पर उसे खाना कैसे खिलाएं. केवल 3 हफ्ते में हम घर लौट आए. हमें यह चिंता थी कि...

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मेरियन, ल्यूक की माता (4 साल) | सैन फ्रांसिस्को, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : नकचढ़ा बच्चा

मैं एक 4 साल के छोटे लड़के की मां हूं, जो 15 महीने की उम्र से चम्मच से आराम से ठोस आहार खा लिया करता था. यह वह समय था जब उसका भाई पैदा हुआ, उसके बाद उसने ठोस खाना खाने से मना कर दिया और सिर्फ बोतल से दूध पीने लगा. हम बोतल में प्रोटीन, सब्जियां, कार्बोहाइड्रेट्स, फल आदि की स्मूदी बनाकर उसे देते थे. हम एक अस्पताल के आहार क्लिनिक में, विभिन्न विशेषज्ञों के पास उसे लेकर गए लेकिन कोई फायदा नहीं निकला. बेन का कार्यक्रम शुरू करने से पहले मेरा बेटा दिन भर में 8 से 9 बोतल पीता था और कभी कभार थोड़ा दही खा लेता था. इसके अलावा वह बाकी हर खाने को मना करता था.

बेन के साथ पहले सत्र में मेरे बेटे ने 8 औंस ठोस खाना चम्मच से खा लिया. हम एक हफ्ते में तीन बार साढ़े 3 हफ्ते तक बेन के पास गए. मेरा बेटा अब आराम से चम्मच से खाना खाता है और खुले कप से पीता है. दिन में वह तीन बार खाना खाता है और किसी बोतल की मांग नहीं करता. वह बैठकर खाने में बहुत खुश है. मैं बहुत रोमांचित और प्रसन्न हूं. बेन के द्वारा मिली इस सफलता से मेरी इच्छा है कि मैं ऐसे सभी माता पिताओं को, जिनके बच्चे उन्हें खाने में परेशान करते हैं,...

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क्रिस्टीन, एलिसन की माता (2 1/2 साल, कटे हुए होंठ, तालूभंग तथा एक्टोडर्मल डिसप्लेसिया) | लॉस एंजिलिस, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : G नली पर निर्भर

एलिसन ढाई साल की है और 3 माह की उम्र से उसे G नली के द्वारा खाना दिया जाता रहा है, क्योंकि मुंह से खाना देने पर वह उसकी भोजन नली में जाने की बजाय फेफड़ों में चला जाता था और उसे पनपने में असफल बच्चा करार दिया गया था. हमें बताया गया कि उस के निगलने की क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं हो पाई है और उसके तालुभंग की वजह से वह सांस लेने, निगलने और चूसने में सामंजस्य ठीक तरह से नहीं बैठा पाएगी. उसे प्रतिवाह और देर से पेट खाली होने की समस्या भी थी. उसकी अधिकांश जिंदगी में उसे G नली के द्वारा ही खाना खिलाया गया था, जिसे बहुत ही धीमी गति से पंप किया जाता था. उसे एक्टोडर्मल डीस्प्लासिया नामक बीमारी भी है. इस स्थिति में बच्चे के दांत कमजोर होते हैं और बहुत से दांत आते ही नहीं है, (उसके निचले जबड़े पर केवल एक दांत आया हुआ है) उसका मुंह सूखा रहता है और लार ठीक प्रकार नहीं बनती.

9  महीने की उम्र में डॉक्टरों ने उसे गूदे वाले पदार्थ खाने की आज्ञा दे दी, लेकिन यह भी कहा कि खिलाने में हम तब तक उसके साथ जबरदस्ती न करें, जब तक उसके तालू का ऑपरेशन नहीं हो जाता (यह 13 माह की उम्र में होना था). कई डॉक्टरों ने...

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मारिया, जैक की माता (7 साल) | न्यूयॉर्क

श्रेणी : नकचढ़ा बच्चा

हम अभी हाल ही में बेन ज़िमरमैन के आहार क्लीनिक में साढ़े तीन  हफ्ते का सघन कार्यक्रम लेने के बाद घर लौटे हैं. मेरा बेटा 7 साल का है और खाना खाने के मामले में वह शुरू से ही बहुत नकचढ़ा था. 2 साल की उम्र में उसका गला रुक जाता था और जो भी उसे खिलाया जाता उसे वह उल्टी कर देता था. इसकी वजह से उसकी खाने की मात्रा बहुत कम हो गयी थी और वह कुछ गिनी-चुनी चीज़ें ही खता था.

5 सालों से मेरी ज़िंदगी उसे खाना खिलाने और जागते हुए और उसके बारे में चिंता करते हुए रातें बिताने में बीत रही थी. उसका भोजन केवल सफेद ब्रेड, सफेद बेगल, पैन केक, वॉफल, फ्रेंच फ्राइज मुलायम दही और प्रेत्ज़ेल तक ही सीमित रह गया था. (उसे जंक केक, कुकी, टॉफी और चिप्स से भी कोई समस्या नहीं थी). वह हर फल खाने को मना करता था, सब्जियां, मीट, अंडे कुछ भी नहीं खाना चाहता था. सिर्फ कभी-कभार चिकन के कुछ टुकड़े खा लेता था. साथ ही उसने खाने के कई अजीबोगरीब ढंग थी बना लिए थे जैसे, हर चीज़ को बिलकुल सही तापमान पर होना चाहिए, रात के खान्रे में सिर्क पैनकेक होना चाहिए, क्रेकर को केवल आधा ही खाया जाना चाहिए वगैरा-वगैरा.

इसके साथ ही 2 साल की उम्र में...

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मनीला, निडा की माता (3 साल) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : G नली पर निर्भर

मेरी बेटी का जन्म गर्भ के 27 में हफ्ते में हुआ था और वह एक सतमासी बच्ची थी जिसका वजन 2 पौंड 4 औंस  था. उसके दिमाग में दोनों तरफ हेमरेज था जिसकी वजह से उसे हाइड्रोसेफलस (एक बीमारी जिसमें सर के अन्दर एक प्रकार का तरल एकत्र हो जाने से सर पर सूजन आ जाती है) भी हो गया था. जब वह तीन माह की थी तो उसे वीपी शंट लगाने की जरूरत पड़ी और उसके ठीक से काम न करने और उसमें एक बार संक्रमण हो जाने की वजह से उसके पांच ऑपरेशन और करने पड़े. उन्होंने NG नली के द्वारा उसे मां का दूध देना शुरु किया, जब वह 1 महीने की थी. उसमें से आधा दूध उसे बोतल के द्वारा दिया जाता था और जब वह थक जाती थी तो बाकी नली के द्वारा दिया जाता था. 2 महीने तक वह दूध पी पाती थी. वीपी शंट वाले ऑपरेशन के बाद वह दूध पीना भूल गई.

जब उसे अस्पताल से छुट्टी मिली, तब वह 7 महीने की थी और घर आने पर उसे NG नली लगी हुई थी. मुझे G नली बिलकुल पसंद नहीं थी. जब वह 1 साल की हुई तो उसने बुरी तरह उल्टी करना शुरु कर दिया और उसे भयंकर दस्त हो गए. हमने उसके फॉर्मूला को बदल दिया लेकिन उसकी हालत पहले जैसी ही रही. आखिरकार पेट और आंतों के डॉक्टर ने कहा कि...

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कर्स्टिन, हेली की माता (10 महीने) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : NG नली पर निर्भरता

मेरी बेटी हेली गर्भ के 32 में हफ्ते में पैदा हुई थी और उसे पियरे रोबिन सीक्वेंस (एक बीमारी जिसमें निचला जबड़ा छोटा, जीभ अपनी जगह से पीछे और तालू में छेद होता है) और भयंकर अम्ल प्रतिवाह था. 6 महीने की उम्र में स्टैनफोर्ड बच्चों के अस्पताल में उसके जबड़े को बड़ा बनाने के लिए उसका ऑपरेशन किया गया था. यह ऑपरेशन पूरी तरह सफल था और डॉक्टरों ने काफी अच्छा काम किया था.

ऑपरेशन के बाद हर अपॉइंटमेंट पर डॉक्टर हमसे पूछते थे “क्या यह खा रही है?” हर बार मेरा जवाब होता था “नहीं”. उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि आखिर वह क्यों नहीं खाती है. उसके तालू में अभी भी छेद था लेकिन इससे उसके खाने पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए था. हमने उस के ऊपरी पेट की जांच कराई और सब कुछ ठीक पाया. वह बहुत ज्यादा उल्टी करती थी और उसे बहुत संवेदनशील गला रुक जाने का प्रतिवाह था. जब वह 4 महीने की हुई तो मैंने लूसिल पैकार्ड बच्चों के अस्पताल में व्यवसायिक चिकित्सक के पास जाना शुरु किया. मैं हर खाने के समय पर को हेली को खाने के साथ खेल करवाती रहती थी जिससे वह उसके सुगंध, स्वाद और स्पर्श से परिचित हो सके. मैंने उसे अपनी चम्मच से ड्रम...

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एलीन, डैनियल की माता, (14 महीने) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : पनपने में असफल

हमने लॉस एंजिलिस आहार क्लीनिक को प्रयोग किया है और हम वहां के अपने अनुभव आपके साथ बांटना चाहते हैं. सबसे पहले हमारी परिस्थिति के बारे में मैं आपको बताना चाहूंगा. हमारे बच्चे डैनियल को मुंह से खाना खाने से घृणा थी, दूसरे शब्दों में वह अपने मुंह में रखी गई कोई भी चीज बर्दाश्त नहीं कर पाता था, चाहे वह खिलौने हो या खाना. यह बच्चा ऐसा था कि अगर उसे मौका दिया जाए तो वह अपने आपको भूख से मार डालेगा.

2 महीने की उम्र में मुझे पता चला कि वह स्तनपान के प्रति भी प्रतिक्रिया कर रहा है क्योंकि उसे प्रतिवाह है. कुछ देर तक दूध पीने के बाद ही वह दूर हट जाता था. उसे उबकाई आने लगती थी और वह मुझसे दूर जाने की कोशिश करता था, रोता था, लातें मारता था और धक्का देता था. उसे दूध पिलाना एक हिंसक काम बन गया था. हमने सोचा कि अगर उसे सोते हुए दूध पिलाया जाए तो वह कम लड़ाई करेगा, इसलिए हमने उस के खाने के समय को उसके सोने के समय के साथ मिलाने की कोशिश की. 4 महीने का होने पर मैं उसे ठोस आहार देना शुरु करते वक्त बहुत खुश थी कि अब उसके खाने में कुछ सुधार आएगा. हमने 4  महीने तक ठोस आहारों को भी आजमाया,लेकिन जब तक वह 8...

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अमुथा, शिवा की माता (3 साल) | ऑस्टिन, टेक्सास

श्रेणी : G नली पर निर्भर

मेरा नाम अमुथा है. मेरा बेटा शिवा गर्भ के 24  हफ्ते पूरे होने पर पैदा हुआ सतमासा बच्चा था. ICU  से 4  महीने के बाद घर आने पर उसे GERD  नामक बीमारी की वजह से मुंह से खाना खाने से घृणा हो गई. चार महीनों में उसका वजन बिल्कुल नहीं बढ़ पाया था, इसलिए हमें उसे G नली लगानी पड़ी. 2  साल के समय में हमने पांच अलग-अलग तरह के डॉक्टरों से परामर्श किये जिनमें वाक् चिकित्सक, व्यावसायिक चिकित्सक, मनोचिकित्सक और पोषण विशेषज्ञ भी शामिल थे. वह बहुत कोशिशों के बाद भी केवल 4 औंस दही खा पाता था और बहुत कोशिश करने के बाद भी मैं उसे मुंह से केवल 400 कैलोरी ही दे पाती थी. नली और मुंह दोनों से कुल मिलाकर वह लगभग 960 कैलोरी ही खा पाता था.

उसे एक अति संवेदनशील प्रतिवाह था. लगभग हर भोजन के बाद उसका गला रुक जाता था और वह उल्टी कर देता था. जब मैं उसे मुंह से खाना नहीं खिलाती थी तब भी वह कम से कम एक बार हर रोज उल्टी करता ही था. हमने उसे रात में खिलाना शुरु किया. मैं और मेरे पति बारी बारी से उसके साथ सोते थे कि कहीं आधी रात में उसकी खींचकर निकाली हुई G नली हाथ में लेकर हमें डॉक्टर के पास न भागना पड़े. पिछले 2 साल...

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हेलेन, रिबेका की माता | डबलिन, आयरलैंड

श्रेणी : पनपने में असफल

रिबेका 2 साल की है और उसे एक बहुत ही दुर्लभ चयापचय संबंधी विकार है (UMPS), जिसका मतलब है कि उसके अन्दर बढ़ने और विकसित होने के लिए पर्याप्त शक्ति नहीं है. जांच में उसे पनपने में असफल और धीमी विकास गति वाला बच्चा पाया गया.

जन्म के समय उसका वज़न ढ़ाई किलो था और शुरू से ही उसे खाने में दिक्कत होती थी. उसके मुंह में बार-बार छले हो जाते थे और वह दूध नहीं पी पाती थी. 4  महीने की उम्र में उसका दूध छुड़ा दिया गया और उसे ठोस आहार खाना दूध पीने से ज्यादा अच्छा लगने लगा. लेकिन फिर भी उसका पर्याप्त वजन नहीं पढ़ पाया. 4 महीने की उम्र में हमें बताया गया कि उसके साथ कुछ समस्या है और उसकी जांच शुरु कर दी गई. 6 महीने की उम्र तक रिबेका को नली लगा दी गई क्योंकि उसका वजन बहुत अधिक कम हो गया था. 7 महीने तक वह NG नली पर रही इस और उसके बाद डॉक्टर उसे G नली लगाना चाहते थे. उसे इस तकलीफ से गुजारने के बजाय हमने उसे कप से पिलाना शुरु किया और आखिरकार हम उसे इतना दूध पिलाने में कामयाब हुए कि हमें उस नली से हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया.

जब वह 16 महीने की हुई तो उस की दवाइयां शुरू कर दी गईं. इस समय हमें महसूस हुआ...

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सूयन, नीना की माता (1 साल) | मियामी, फ्लोरिडा

श्रेणी : NG नली पर निर्भरता

मेरी बेटी नीना गर्भ की अवधि पूरी होने पर पैदा हुई थी और उसका वजन 6 पाउंड 7 औंस था. उसे खाना खिलाना शुरू में बहुत ही आसान था, लेकिन जब वह 2 महीने की हुई तो यह काफी मुश्किल हो गया, क्योंकि नीना ने बार बार उल्टी करना शुरू कर दिया. उसे केवल 5 औंस दूध पिलाने में एक घंटा का समय लगने लगा और इसमें से आधा वह Zantac देने के बाद भी उल्टी कर के वापस बाहर निकाल देती थी.

जब वह 6 महीने की हुई तो इन भयंकर उल्टियों के कारण उसे एक पेट और आंतों के विशेषज्ञ के पास भेजा गया. जांच में पता चला कि उसे अम्ल प्रतिवाह और मुंह से खाना खाने से घृणा है. उसे खाना खिलाना और भी ज्यादा मुश्किल हो गया. 7 महीने की होने पर उसने बोतल से दूध पीने से पूरी तरह इंकार कर दिया और ठोस आहार तो वह पहले से ही नहीं खा रही थी. उसे पूरी विस्तृत जांच के लिए अस्पताल में दाखिल कराया गया. सारे नतीजे सामान्य थे, अतः उसे 11 दिन तक अस्पताल में रखने के बाद NG नली लगाकर छुट्टी दे दी गई.

यह एक भयंकर सपने की शुरुआत थी. नीना को अपनी NG नली बिल्कुल पसंद नहीं थी. वह पूरा टाइम इसे खींचने की कोशिश करती रहती थी. उसके चेहरे पर लगी टेप उसे परेशान...

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सारा, रिया की माता (11 साल) | एरिया कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : चुनिंदा खाने वाला

मेरी बेटी रिया को जन्म से ही सेरिब्रल पैल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात) नामक बीमारी है. मैं उसकी मां सारा पेशे से एक वैज्ञानिक हूं. क्योंकि छोटी रिया को उसकी जिंदगी के शुरुआती कुछ साल खाने की बहुत सारी समस्याएं थीं, खास करके वह क्या और कितना खाना चाहती है इस बारे में वह बहुत जिद्दी थी. यह सब कुछ खत्म बिल्कुल हो गया और वह अपने खाने में आनंद लेने वाली बच्ची बन गई. हालांकि पीने की समस्या फिर भी बनी रही.

रिया कुछ भी पीने से हमेशा साफ इंकार करती है और थोड़े-बहुत पानी के अलावा और कुछ भी नहीं पीना चाहती. उसकी अध्यापिका हमेशा शिकायत करती है कि उसे जो भी दिया जाता है, वह उसमें से कुछ भी नहीं पीती. साथ ही हर पेय पदार्थ से भी घृणा दिखाती है.

इस साल कुछ महीने पहले हम बेन ज़िमरमैन के पास पहुंचे, लेकिन हम थोड़ी दुविधा में थे कि क्या व्यवहार संबंधित चिकित्सा रिया की समस्या का समाधान हो सकता है. हमारे एक ऐसा दोस्त ने हमें बेन के बारे में बताया था जिन्हें अपने खाने की कुछ समस्याओं में उनसे सहायता मिली थी.

साथ ही इन में से बहुत से ऑटिज्म सम्बन्धी तकलीफों से पीड़ित थे, इसलिए मैं पूरी तरह निश्चिंत नहीं थी कि...

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अमांडा, कैटलिन की माता, (6 माह) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : NG नली पर निर्भरता

1999 से कैसर परमानेंट की सदस्य होने के नाते मैं कैसर सेंटा क्लारा द्वारा दिए गए आहार चिकित्सा के बारे में अपनी राय देना चाहूंगा.

इस साल मार्च में हमारी पहली बच्ची कैटलिन पैदा हुई जिसे जन्म से ही काफी सारी बीमारियाँ थीं. उसके दिल में दो और सांस की नली में भी बीमारी थी. 3 महीने की होने तक उसकी ये सारी तकलीफें ऑपरेशन के द्वारा दूर कर दी गई थीं, लेकिन अब जो शाश्वत समस्या हमारे सामने थी, वह थी उसे खाना खिलाने की. जन्म से ही उसे NG  नली लगाई गई थी और वह तक अभी तक भी लगी हुई थी. जितनी कैलोरी उसे रोज चाहिये होती थी, वह उनका केवल आधा हिस्सा ही मुंह से ले पाती थी.

जून में उसे कैसर के द्वारा संपर्क किये गए आहार विशेषज्ञ के पास भेजा गया. हमने इस विशेषज्ञ के साथ जून से अगस्त तक काम किया लेकिन कुछ खास नतीजा नहीं निकला. हर हफ्ते हम एक घंटा गाड़ी चलाकर वहां जाते थे और वहां बैठकर यह विचार विमर्श करते थे कि मैंने पिछले हफ्ते के दौरान घर पर उसे खिलाने के लिए क्या-क्या किया. अंत के बीस मिनट में मैं उसे खाना खिलाने की कोशिश करती थी और विशेषज्ञ मुझे देखती और अपनी राय देती थी. उसने मुझे बताया कि वह अपने...

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व्लाडा, जूलिया की माता, (8 महीने) | सैन फ्रांसिस्को, कैलिफोर्निया

श्रेणी : पनपने में असफल

मेरी छोटी सी प्यारी बेटी, जो अपनी जिंदगी के पहले महीने में अच्छी तरह स्तनपान कर रही थी, 6 हफ्ते की होने पर उसने अचानक खाना पीना बिल्कुल बंद कर दिया. वह लगातार 11-11 घंटे तक बिना कुछ खाए रह जाती थी (जो कि एक 6 हफ्ते के बच्चे के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है). वह सिर्फ सोते हुए कुछ दूध पीती थी. सोते हुए भी उसे 3 औंस  दूध पिलाने में 3 घंटे लग जाते थे और जब तक वह इसे खत्म करती थी, तब तक दोबारा खाना खिलाने का समय हो जाता था. हम 24 घंटे लगातार उसे खाना ही खिलाते रहते थे.

जांच में पाया गया कि उसे प्रतिवाह है और उसे Zantac नामक दवाई दी गई, जिस से कुछ खास मदद नहीं मिली. वह अभी भी बहुत धीरे खाती थी और खाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाती थी. क्योंकि वह घंटों तक दूध नहीं पीती थी इसलिए हमने उसे दूध पिलाने के लिए ड्रॉपर और चम्मच का प्रयोग करना शुरू किया. इन में काफी दूध बिखर जाता था और वह अक्सर उल्टी भी कर देती थी. हमने अस्पताल में जाकर उसे आहार विशेषज्ञ को दिखाया, जिसने हमें उसे खिलौने या टी वी  दिखा कर उसका ध्यान बंटाते हुए उसे खाना खिलाने की सलाह दी. ये तरीके बिल्कुल बेकार साबित हुए इसलिए हम...

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डेबी, एंड्रू की माता, (16 माह) | लास वेगास, नेवाडा

श्रेणी : G नली पर निर्भर

नमस्कार माताओं,

मेरा नाम डेबी है. मेरा बेटा एंड्रू 16 महीने का है. वह गर्भ की अवधि पूरी होने पर पैदा हुआ था और उसका वजन 8 पाउंड 12 औंस था, हालांकि वह दिल की बीमारी के साथ पैदा हुआ था. जब वह केवल 2 दिन का था तब उसके दिल के वॉल्व की मरम्मत करने के लिए उसकी पहली ओपन हार्ट सर्जरी की गई थी.

जब वह 7 हफ्ते का हुआ तब भी वह अस्पताल में ही था और उसका वजन बिल्कुल नहीं बढ़ा था. वह मुंह से कुछ भी पीने से इंकार करता था. क्योंकि हमें पता था कि उसके दिल का दोबारा ऑपरेशन होना है इसलिए उसका विकास होना बहुत जरुरी है और इसके लिए हमारे पास सिर्फ एक ही विकल्प था G नली.

8 हफ्ते की उम्र में उसे G नली लगाई गई और एंडी ने सब कुछ खाना बंद कर दिया. अब वह मुंह से कुछ नहीं खाता था और जब भी उसे नली से कुछ खिलाया जाता, उसका गला रुक जाता था, वह उबकाइयां लेने लगता था और उल्टी करता था और दिन में 18 घंटे तक लगातार पंप करने के बाद भी 1 घंटे में सिर्फ 60 cc ही ले पाता था. उसकी और हमारे परिवार की जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई थी. 6 महीने की उम्र में हमें उसका दूसरा ऑपरेशन कराना था जिसमें VSD और वाल्व की मरम्मत होनी थी. ऑपरेशन...

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माइकल और बेलिंडा, आइवी के माता-पिता, (2 साल), | सिडनी, ऑस्ट्रेलिया

श्रेणी : NG नली पर निर्भरता

‘’इसे नली की कोई जरुरत नहीं’’ …..ये वे शब्द हैं जो बेलिंडा और मैं पिछले 18 महीनों से सुनना चाहते थे.

हमारी जुडवा बेटियों में से एक आइवी जन्म के समय से ही बहुत परेशानी में थी. हमारी बेटियों का जन्म गर्भ के 24 वें हफ्ते में सिडनी के लिए वेस्टमीड अस्पताल में हुआ था और शुरु के तीन महीनों तक उन्हें बहुत ज्यादा संभाल की जरूरत थी. मौली को अस्पताल से पहले छुट्टी मिली और अक्सर सतमासे बच्चों में जो परेशानियां हो जाती हैं, वे उसे नहीं हुईं. वह ढाई साल की है और बिलकुल ठीक है.

हालांकि आइवी को जलशीर्ष और दिमागी बुखार हो गया, जिसकी वजह से उसे स्नायुतंत्र के 8 ऑपरेशनों   तथा लेजर से आंखों के ऑपरेशन से जूझना पड़ा.

जब वह 2 महीने की थी तो उसे NG नली लगाई गई और इसकी वजह से उसे भयंकर गला अवरुद्ध हो जाना तथा पेट और आंतों का प्रतिवाह हो गया, जिसकी वजह से उसे खाना खिलाना एक बहुत ही बड़ा मुद्दा बन गया.

हम सौभाग्यशाली थे कि हमें एक ऐसे पेट और आँतों के विशेषज्ञ मिले हुए थे जो कम से कम चीर फाड़ करने के पक्ष में थे और उसकी अपरिहार्य शल्य चिकित्सा को टालते जा रहे थे. मेरी पत्नी और मैं आइवी को तीन कारणों से ऑपरेशन...

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टेड और जूडी वाइस, एलेक्स के माता-पिता (4 साल) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : नकचढ़ा बच्चा

हमने कभी नहीं सोचा था कि हम किसी आहार क्लिनिक के बारे में कभी कोई प्रशंसा पत्र लिखेंगे, लेकिन लॉस एंजिलिस आहार क्लिनिक के श्री बेन ज़िमरमैन ने हमारे बेटे एलेक्स  की जिंदगी में इतना अच्छा बदलाव किया है कि हम खुद को यह बताने से रोक नहीं पा रहे हैं कि ऐसे माता-पिता जो हमारी तरह ही बच्चों के खाने से संबंधित समस्याओं से जूझ रहे हैं, उन्हें बता सकें कि एक जगह ऐसी है जहां वे अपनी समस्या का समाधान पा सकते हैं.

हमारा बेटा एलेक्स  साढ़े चार  साल का स्वस्थ बच्चा है, जिसे कोई शारीरिक बीमारी नहीं है, लेकिन उसकी खानपान की आदतें बहुत ज्यादा सीमित हैं. वह केवल कुछ चुनिंदा खाने ही खाता है जैसे चीरिओस, दही, गोल्ड फिश और कभी कभार आलू के चिप्स और बेकन. हमने उसकी खाने की आदतें  बदलने के लिए बहुत सी कोशिशें कीं – ढ़ेर सी तारीफें, खिलौनों की रिश्वत, उससे प्रार्थना करना, उसे केवल डॉक्टर द्वारा बताए गई चीज़ें ही खाने के लिए देना, (हमने इस बात से उस वक़्त तौबा कर ली जब उसने 36  घंटे से भी ज्यादा तक खाने से बिल्कुल इंकार कर दिया) और इनमें से हमारी कोई भी नीति काम नहीं आई. वह बिल्कुल ढीठ बच्चे की तरह हमेशा...

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अमांडा और मैट, मिया के माता-पिता (2 साल) | इंडियाना

श्रेणी : G नली पर निर्भर

हमारी बेटी मिया गर्भ के 37 में हफ्ते में सी सेक्शन द्वारा पैदा हुई थी, क्योंकि वह गर्भ में काफी पीछे थी. उसके प्रसव के वक्त कोई भी परेशानी नहीं हुई थी. अभी कुछ ही दिन हुए थे कि हमने देखा कि वह स्तनपान करने में या बोतल से दूध पीने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाती.  लेकिन उसका वजन बढ़ रहा था और इसलिए उसकी डॉक्टर इस बात के लिए खास चिंतित नहीं थी.

समय गुजरने के साथ उसका बोतल के लिए विरोध करना बढ़ता गया. जैसे ही वह बोतल को देखती या जब हम उसे कुछ खिलाना चाहते, वह जोर जोर से रोना शुरु कर देती. हम ने एक पेट और आंतों के डॉक्टर को उसे दिखाया और उन्होंने हमें बताया कि उसे एक प्रतिवाह है. उसे कई तरह की दवाइयां दी गईं, लेकिन किसी से कुछ फायदा नहीं हुआ.

उसके बाद हम एक स्थानीय बच्चों के हस्पताल में गए और वहां जांच में हमने पाया कि दूध उसके फेफड़ों में जा रहा था. साढ़े 4  महीने की उम्र में उसे एक NG नली लगा दी गई और 8  महीने की होने पर G नली लगाई गई. इससे पहले नली के साथ मिया को कभी भी उल्टी करने की समस्या नहीं थी. नली लगाने के बाद अब वह रोज 4  से 5 बार उल्टी करने लगी. हमने दवाइयां, आहार पंप, रात में...

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श्वेता, (5 माह के बच्चे की माँ) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : पनपने में असफल

हमारा छोटा बेटा गर्भ की अवधि पूरी होने पर पैदा हुआ था और शुरू के 2 महीने बिल्कुल स्वस्थ था. 2 महीने का होने के बाद वह अचानक खाने से इनकार करने  लगा और जांच में पता चला कि उसे अम्ल का प्रतिवाह है. हमारे बच्चों के डॉक्टर ने हमें पेट और आंतों के विशेषज्ञ के पास भेजा जिन्होंने Zantac, Prevacid और Erythromycin आदि जैसी कई दवाइयां आजमाईं और काफी जांच भी करवाईं.

दो महीने तक कई विकल्प आजमाने के बाद हमने देखा कि उसका वजन बहुत कम हो गया है और वह अपनी विकास सारणी से काफी नीचे गिर गया है. डॉक्टर को चिंता थी कि वह ख़त्म हो रहा है और  पनपने में असफल बच्चा बनता जा रहा है. वह हस्तक्षेप करते हुए उसे नली लगाना चाहती थी और मैं बुरी तरह रो रही थी – मेरे अच्छे खासे स्वस्थ छोटे बच्चे को यह क्या हो गया था? मैं बहुत चिंतित थी और मैंने नली लगाने से पहले उनसे थोड़ा समय और मांगा. उन्होंने हमें 3 हफ्ते का समय दिया और सलाह दी कि हम बेन के आहार कार्यक्रम में उसे ले जायें. वे 3 हफ्ते हमारे उस समय 5 महीने के बच्चे की जिंदगी को बचाने वाले साबित हुए.

बेन ने उसे हर भोजन में थोड़ा दूध और थोड़ा ठोस आहार देना शुरु किया...

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मेरी, ज़ैक की माता, (22 माह) अनेक प्रकार की खाने की एलर्जी और रिफ्लक्स | वर्जिनिया

श्रेणी : पनपने में असफल

मेरा बेटा ज़ैक 22 महीने का है. 2 महीने की उम्र से उसने अपनी कमर को मोड़ना और जागते हुए स्तनपान करने से इनकार करना शुरू कर दिया. उसके मल और थूक के साथ खून आने लगा और उसे एग्जिमा हो गया. परीक्षणों से पता चला कि उसे दूध और दूध से बनी चीजों से एलर्जी है और आँतों और खाने की नली का प्रतिवाह है. उसके इलाज के लिए प्रयोग की जाने वाली Zantac नामक दवाई और ख़ास भोजन के प्रयोग के बाद भी वह जागते हुए खाना खाने से इंकार करता रहा (तरल और ठोस दोनों). उसका वजन लगातार गिरता गया और अगले छह महीनों में 50 वें प्रतिशतक से गिरकर पांचवें प्रतिशतक तक पहुंच गया और उसे खाने से घृणा और पनपने में असफल बच्चा घोषित कर दिया गया.

इसके बाद की गई RAST जांच में यह पाया गया कि ज़ैक को कई प्रकार के भोजनों से एलर्जी है और केवल 1 वर्ष की उम्र में उसे 100%  Neocate हाइपोएलर्जिक फार्मूले पर रखा गया. उसकी प्रतिवाह की दवाइयां भी बदल कर Prevacid और फिर Prilosec कर दी गई, यह देखने के लिए कि उनसे कोई फर्क पड़ता है या नहीं. जब तक ज़ैक 18 महीने का हुआ तब हमें लगा कि उसकी एलर्जी और प्रतिवाह आखिरकार नियंत्रण में आ गए हैं, लेकिन वह खाना...

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बी., एस की माँ, (1 साल) | लंदन, यू के

श्रेणी : NG नली पर निर्भरता

एस समय से पहले पैदा हुआ अठमासा बच्चा है. जिंदगी के पहले 4 महीनों तक वह बोतल से दूध पी रहा था और फिर उसने इसके लिए इंकार करना शुरू कर दिया. अगले 2 हफ्ते में परिस्थिति और ज्यादा खराब हो गई जब उसने बोतल से दूध पीना पूरी तरह बंद कर दिया.

हम यू के में रहते हैं और यह स्थिति आने के बाद हमने उसे जांच के लिए अस्पताल में दाखिल करवा दिया. NHS में डॉक्टरों ने संदेह प्रकट किया कि उसे पेट और खाने की नली का रिफ्लक्स है जो कि उसकी इस हालत के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार हो सकता है. इससे पहले वह ज्यादा उल्टियां नहीं कर रहा था. उसके खून और पेशाब की जांच करवाई गई, जिसमें किसी भी प्रकार का कोई इंफेक्शन नहीं पाया गया.

 

इसी दौरान उसे NG नली से खाना दिया जाना शुरु हो गया. जब NG नली उसे लगाई गई उसके बाद उसका मुंह से खाना खाना और भी कम हो गया. साथ ही उसने गला रुक जाना और दिन में कई कई बार उल्टी करना भी शुरू कर दिया. जब हम उसे गला रुक जाने पर बुरी तरह खांसते और उल्टी करते हुए देखते थे, जब उसकी नली में खाना ऊपर आ जाता था और उसे वापस ठीक होने में कम से कम 10 मिनट का समय लग जाता था, तब यह सब देखना हमारे लिए...

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क्रेग, माइकल के पिता, (8 साल) | बे एरिया, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : नकचढ़ा बच्चा

प्रिय बेन,

माइकल के साथ तुमने जो अविश्वसनीय नतीजे प्राप्त किए और आखिरकार उसकी खाने की समस्या को सुलझा दिया, जिसे कोई नहीं सुलझा पाया था, उसके लिए मैं तुम्हें धन्यवाद देना चाहता हूँ.

जैसा कि हमने तुम्हें बताया था, तुम्हारे क्लिनिक के बारे में जानने से पहले हम माइकल को तीन अन्य जगहों पर लेकर गए थे और उसकी अत्यधिक चुनी हुई चीजें खाने की आदत को दूर करने की हमने कोशिश की थी. सबसे पहले हम पालो ऑल्टो में एक चिकित्सक के पास गए जिन का मानना था कि माइकल कुछ भोजनों के प्रति दृष्टि, सुगंध और बनावट के आधार पर संवेदनशील है और यह चीज आटिज्म(एक मानसिक बीमारी) से संबंधित है तथा एस्बर्जर्स नामक बीमारी को जन्म दे सकती है. इस चिकित्सक ने हमें बताया कि क्योंकि माइकल अपने स्कूल में अच्छे ग्रेड लेकर आ रहा था, खेलकूद में भी अच्छा था और गणित में भी अच्छे ग्रेड प्राप्त कर रहा था इसलिए यह बात और भी पक्की हो गई कि उसका सोचना बिल्कुल सही था क्योंकि डॉक्टरी शोध से यह पता चला है कि इस से मिलती जुलती खाने-पीने की आदतों वाले बच्चों में यही विशेषताएं होती हैं. इस चिकित्सक ने हमें सैन फ्रांसिस्को में एक विशेषज्ञ के...

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हेलेना और दिमित्री, (ढाई साल के बच्चे के माता-पिता) | बे एरिया, कैलिफोर्निया

श्रेणी : G नली पर निर्भर

हमारा बेटा टिम एक सतमासा बच्चा था, जो गर्भावस्था के 26 में हफ्ते में पैदा हुआ था और उसका वजन केवल 2  पाउंड 1 औंस था. उसे भारी STRIDER AND REFLUX था. (यह एक बीमारी है, जिसमें सांस लेते वक़्त जोर की आवाज़ होती है और खाया हुआ खाना हर बार वापस भोजन नली में आ जाता है). उसकी निस्सेन फंडोप्लीकेशन नामक शल्य चिकित्सा की गई, जिससे उसकी हालत कुछ बेहतर हुई और वह बिना ऑक्सीजन की मशीनों की सहायता के अपने आप सांस लेने में समर्थ हो गया. जल्दी ही उसे अस्पताल से घर जाने की इजाजत मिल गई.

इस ऑपरेशन के साथ ही टिम के पेट में एक G नली भी लगाई गई थी (इसके बारे में हमने पूछा तक नहीं गया था, उन्होंने कहा कि यह इस ऑपरेशन के साथ मिलने वाला एक पैकेज है). जो भी हो, पहले चार महीनों तक हमने इस नली का प्रयोग केवल उसे डकार दिलाने के लिए किया. ऑपरेशन के बाद वह अपने आप डकार लेना या उल्टी नहीं कर पाता था. इस समय तक टिम अच्छी तरह से मां का दूध बोतल के द्वारा पी लेता था, उसका वजन बढ़ रहा था और इस से उसका पेट और आंतों का डॉक्टर खुश था और उसकी G नली निकालने के लिए बिल्कुल तैयार था.

अचानक उसने बोतल से दूध पीना बंद कर दिया....

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सी और जे, (2 साल का बेटा जे) | ह्यूस्टन, टेक्सास

श्रेणी : पनपने में असफल

जे का जन्म जुलाई 2010 में गर्भावस्था की अवधि पूरी होने के बाद 39 में हफ्ते में सी सेक्शन के द्वारा हुआ था और उसका वजन 7 पाउंड 13 औंस था (40 प्रतिशतक). जन्म के बाद से मैंने उसे स्तनपान भी कराया और बोतल से भी दूध दिया. लगभग 4 माह की उम्र तक जे ने बोतल से दूध पीना बिल्कुल बंद कर दिया. हालांकि मैंने उसे स्तनपान कराना जारी रखा लेकिन जे का वजन बढ़ना बंद हो गया और धीरे-धीरे गिरकर 3 से 5 प्रतिशतक तक रह गया. इस गिराव से मेरी चिकित्सक जरा भी चिंतित नहीं थी क्योंकि मेरी दोनों बड़ी बेटियां भी छोटी कद काठी की हैं. उसने अंदाज लगाया कि प्राकृतिक और अनुवांशिक कारणों से उसकी विकास दर कम है. फिर भी मैंने उनसे प्रार्थना की कि जे को चावल का अनाज देना शुरु करें ताकि उसका कुछ वजन बढ़ सके. शुरू से ही उसे ठोस आहार खिलाना बहुत मुश्किल था और इसमें बहुत समय लगता था. एक से दो घंटा तक उसे खिलाने के बाद भी ज्यादा खाना उसके मुंह के बजाए उसकी बिब और जमीन पर नजर आता था.

अप्रैल 2011 में जब मेरा बेटा 9 महीने का हुआ था तब हम उसे खाना खिलाने के लिए विडियो, विभिन्न प्रकार के खिलौनों का प्रयोग करते थे ताकि उसका ध्यान...

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मिशेल, जेम्स की मां (21 माह) | सैक्रामेंटो, कैलिफ़ोर्निया

श्रेणी : NG नली पर निर्भरता

जेम्स मेरे दो जुड़वां बच्चों में से एक सतमासा बच्चा था, जो गर्भावस्था के 25 वें सप्ताह के दौरान पैदा हुआ था और अपनी जिंदगी के पहले 9 महीने जिसने NICU में गुजारे थे. अविकसित फेफड़ों के साथ जेम्स को जिंदा रहने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था और वह पूरी तरह वेंटीलेटर पर निर्भर था जो कार्य-कारण परिस्थितियों की शुरुआत थी. 2 माह की उम्र में कंठ नली के संकुचन और लंबे समय तक नली लगे रहने की वजह से बने जख्मों की वजह से उसकी श्वास नली का ऑपरेशन करना पड़ा. जब वह 6 माह का हुआ तब उसे हैबरमैन निप्पल वाली बोतल से दूध देना शुरु किया गया और 8  माह का होने तक वह NGपूरक आहार को बंद करने लायक आहार लेने में सफल हो गया. उसके 1 वर्ष का होने तक डॉक्टरों ने उसकी कंठ नली को दोबारा बनाने की योजना बनाई थी, इसलिए सभी डॉक्टरों (जैसे डॉ., ओ टी, पी टी, एस एल टी) सभी की यह राय थी कि ठोस आहार खाने के लिए उससे जबरदस्ती न की जाए – अगर वह उन्हें खाने से इंकार करता है. 16 महीने की उम्र में डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उसकी कंठ नली को दोबारा बना दिया और स्टिंट जोकि ऑपरेशन के दौरान डाला गया था, 4 हफ्ते बाद उसे हटा दिया...

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एन., ए. की माता (19 माह) | लॉस एंजिलिस, सी ए

श्रेणी : पनपने में असफल

ए का जन्म गर्भावस्था की अवधि पूरी होने पर सामान्य प्रसव से हुआ था और उसका वजन जन्म के समय 6 पौंड 5 औंस था. मैंने 6-7 महीने तक उसे स्तनपान कराया और वह अपनी विकास रेखा के साथ ही चलती हुई प्रतीत होती थी, हालांकि वह हमेशा उससे थोड़ी कम ही रही यानी अपने सामान्य वजन के 10 प्रतिशतक से ऊपर वह कभी नहीं पहुंची. उसके शिशु चिकित्सक ने इस बारे में कभी कोई खास चिंता जाहिर नहीं की. उन्होंने कहा कि वह केवल छोटी कद काठी की थी. जब हमने उसे ठोस आहार और फार्मूला देना शुरु किया. 6 माह की उम्र के करीब तक हमें यह अच्छी तरह समझ आ गया था कि वह अन्य बच्चों की तरह खाने को पसंद नहीं करती और धीरे-धीरे उसका वज़न विकास सारणी से गिरता गया. नौवें महीने की जांच के वक्त मैंने उसके चिकित्सक से अपनी चिंता जाहिर की और उन्हें बताया कि उसे खाना खिलाने के लिए हमें हर बार उसका ध्यान बंटाने की जरूरत पड़ती थी और वह ज्यादा नहीं खाती थी और साथ ही वह भोजन की बनावट के प्रति भी ज्यादा प्रगति नहीं कर रही थी. हाथ से उठाकर खाए जाने वाले खाद्य पदार्थ जो वह अब तक खाती थी, वे सिर्फ पफ और सीरियल थे. उसने हमें 12 माह की उम्र तक इंतजार...

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